How To Gain Self Control | आत्म नियंत्रण कैसे प्राप्त करें ? - loan Solo Real

How To Gain Self Control | आत्म नियंत्रण कैसे प्राप्त करें ?

एक पुरानी कहानी है कि एक माँ अपने बेटे को लेकर गांधी जी के पास जाती है और बोलती है कि बापू : मेरा बेटा गुड़ बहुत खाता है और मना करने पर न मेरा न अपने पापा का सुनता है।



यह आपको फॉलो करता है, आपके दिखाए हर रास्ते पर चलने की बात करता है, प्लीज आप इससे कहिए न कि गुड़ मत खाया करे, कीड़े लग रहे इसके दांतो में। इसे गुड़ खाने की आदत छुड़ाने का तरीका बतलाइए।

तब बापू ने उस महिला को अपने बच्चे को लेकर वापिस 7 दिन बाद आने के लिए कहा।

महिला अगले 7 दिन बाद फिर से गांधी जी के पास आती है उसी सवाल पर वही रिक्वेस्ट लेकर।
तब बापू ने उन दोनों माँ बेटों को वापस 7 दिन बाद फिर बुलाया, और जब अगले सात दिन बाद दोनों माँ बेटे गांधी जी के पास आते है तब गांधी जी ने जो बात कही वह सुनने योग्य है।

बापू ने कहा कि जब आप अपने बेटे के गुड़ खाने की आदत छुड़ाने  का प्रश्न लेकर मेरे पास आयी थी उस वक्त तक मैं भी गुड़ बहुत खाया करता था।

How To Gain Self Control | आत्म नियंत्रण कैसे प्राप्त करें

मैने बीते दो बार एक सप्ताह का वक्त इसलिए मांगा था क्योंकि मैं पहले वह कार्य स्वयं कर के देखना चाह रहा था कि मैं गुड़ खाना छोड़ सकता हूँ या नही ?

आज मैं गुड़ खाना छोड़ चुका हूँ जिसमे मुझे दो सप्ताह लगें यह आदत छुड़ाने के लिए। अब मैं आपके बेटे को गुड़ खाने की आदत छोड़ने के लिए बोल सकता हूँ क्योंकि किसी भी बुरी आदत को छोड़ने के लिए हमे चाहिए होता है आत्मनियंत्रण।

मैने उसी को अपनाया, और आज आपके बेटे को भी इसी आत्मनियंत्रण के मार्ग को अपनाने के लिए बोल रहा हूँ।

तो दोस्तों यही है हमारे आज के पोस्ट का मेन टॉपिक; हाऊ टु गेन सेल्फ कंट्रोल इन लाइफ़। अपनी जिंदगी में आत्मनियंत्रण को कैसे अपनाएं, ऐसा क्या करें कि हम अपनी बुरी आदतों से पीछा छुड़ा सके और उन्हें छोड़कर एक अच्छी जिंदगी अपने खुशहाल परिवार के साथ जी सके। तो आइए वीडियो में आगे जानते है उन बुरी आदतों के बारे में तथा उन्हें छोड़ने के लिए खुद में सेल्फ कंट्रोल कैसे लाए

अपने सारे जीवन मे हमे सिर्फ दो चीजों पर काबू पाने की जरूरत है, यही दो चीजें हमे हमारे किसी भी लक्ष्य को पाने वाले रास्ते मे भटकाव लाती है; एक है आलसपन और दूसरा है नशा।

अगर हम मात्र इन दो चीजों पर अपना कंट्रोल प्राप्त कर लिए तो हमारे पूरी जिंदगी में सेल्फ कंट्रोल अपने आप आ जाएगा।

आलसपन

आलसपन आज के जमाने की सबसे बड़ी बीमारी बनती जा रही है खास कर यूथ में तो बहुत ही ज्यादा आलसी लोग निकलना चालू हो गए है।

How To Gain Self Control

गरीब और मिडिल क्लास फैमिली में एक पंखा तक चालू करने के लिए कम्पनियां रिमोट कंट्रोल दे चुकी है ताकि बिस्तर से उठकर फैन भी ऑन न करना पड़े, पहले तो अकेले रहने वाले लोग जीने के लिए खाना वगेरा खुद ही बना लिया करते थे पर अब तो एंड्रॉइड सेलफोन के जमाने मे एक क्लिक  मात्र से खाना, डॉक्टर , दवाई यहां तक कि कहीं भी अगर आना-जाना हो तो व्हीकल भी घर पर आ जाता है।

ऐसे में कैसे खुद को आलसी बनाने से रोक पाएंगे हम?

इसी तरह पान मसाला, बीड़ी-सिगरेट, गांजा – दारू से लेकर चरस, अफीम, ब्राउन सुगर, एलएमडी जैसे ड्रग्स का नशा युवाओं में बड़ी तेजी से शामिल होता जा रहा है, घर के दरवाजे से कोचिंग सेंटर के अंदर घुसने और कोचिंग सेंटर से निकलने और घर के दरवाजे के अंदर घुसने से पहले आज के युवा चाय-सुट्टा (चाय-सिगरेट) की लत पाल रखे है, मुंह से धुंए की गंध न आए इसलिए पहले इलायची फिर धीरे धीरे पान मसाले की लत को शामिल कर बैठे है। हर वीकेंड को पहले बियर, फिर व्हिस्की, फिर ड्रग्स के नशे में बर्बाद करने लगे है।

How To Gain Self Control | आत्म नियंत्रण कैसे प्राप्त करें

तो ऐसे ही नशे के बुरी लत के शिकार युवाओं को अपने नशे को बन्द करने के लिए सेल्फ कंट्रोल सख्त आवश्यकता है।

मैं दावे से कह सकता हूँ इस वीडियो को देखने वाले वीवर्स में से लगभग हर कोई ऊपर बताए गए किसी न किसी ऐब का शिकार जरूर है।
और अगर नहीं है तो एक ताली मेरी तरफ से उस व्यक्ति को मिलना बनता है क्योंकि वह अपने जीवन मे आत्मनियन्त्रण पा चुका है, उसका उसके लाइफ में पूरी तरह से सेल्फ कंट्रोल बना हुआ है।

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मर्ज तो बता दिया है अब इलाज भी सुन लीजिए

नशा हो या आलस, एक साइकोलाजिकल टर्म क्रिएट करता है दिमाग मे, वह हमें दिमागी रूप से अपने काबू में करने की कोशिस करता रहता है।

जब सारी सुविधाएं हमें बैठे बैठे या लेटे लेटे मिलने लग जाती है तो हमारा दिमाग भी मेहनत करने की आदत को भुला कर उन सुविधाओ को एन्जॉय करना चालू कर देता है और यही वजह है कि हमारा किसी भी मेहनत के काम मे मन नही लगता है। इसी को हम सामान्य भाषा मे आलसपन कहते है।

ठीक इसी तरह नशा भी साइकोलॉजिकली ही हमारे दिमाग पर कंट्रोल करता है, लत लगना एक साइकोलॉजिकल प्रभाव ही है जिसके वजह से हम आत्मनियन्त्रण खो देते है और उस नशे की तलब को पूरा करने के लिए परेशान होते है। और जब ये बाते किसी डॉक्टर के पास से या नशा मुक्ति केंद्र से निकलने के बाद हमे समझ आती है तब तक हम अपने जिंदगी का काफी लंबा टाइम बर्बाद कर चुके होते है।

तो इन दोनों कारणों से अपने सेल्फ कंट्रोल को जीतने का केवल एक ही रास्ता है- खुद को चैलेंजिंग बनाना।

किसी भी खेल को हम तब तक खेलते रहते है जब तक उस खेल में दिए गए चैलेंज को हम पार कर के उस खेल को जीत नहीं लेते।

ठीक उसी तरह आलस और नशा को भी जीतने का मात्र यही उपाय है कि खुद को, खुद के बुरी आदतों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार किया जाए। जान बूझ कर रिमोट होने के बावजूद हम पंखे को स्विच दबाकर ही चालू करेंगे, ऑनलाइन खाना नहीं मंगाएंगे, खुद बनाकर खाएंगे और सब्जियां खरीदने मार्केट भी खुद पैदल चलकर ही जाएंगे। अपने जिंदगी के हर उस एक्टिविटी के खिलाफ खुद से लड़ाई करेंगे जिसमे हमारी जिंदगी को आलस से भर दिया हो। यह एक जिंदगी का खेल है जिसमे आलस छोड़ने के लिए बताई गई सारी एक्टिविटी हमारे लिए एक चैलेंज है।

इसी तरह हम अपने जेब मे हमेसा की तरह बीड़ी-पान-सिगरेट के पैकेट रखेंगे तो जरूर पर उन्हें यूज नहीं करेंगे, हर उस नशे के सामने जाएंगे जो हमको बुरी लत का आदी बनाया है पर उस नशे का उपभोग न करना हमारे जिंदगी के खेल का चैलेंज है।
इस चैलेंज को जीतने में सहयोग करने का सबसे बड़ा काम करता है हमारी व्यस्तता। खुद को बिजी रख के नशा करने का समय ही न मिलने देना भी नशा न करने के चैलेंज को जीतने के लिए सबसे बड़ा महत्वपूर्ण प्वाइंट है।

धीरे धीरे हमारा दिमाग उस आलस को, उस नशे के स्वाद को, पूरी तरह भूल जाएगा और हमे हमारी लाइफ पे सेल्फ कंट्रोल मिल जाएगा।

आत्म-नियंत्रण की कमी का क्या कारण है?

शारीरिक, यौन और/या भावनात्मक शोषण और उपेक्षा का विषय होना। पहले से मौजूद मानसिक बीमारी। मानसिक बीमारी का पारिवारिक इतिहास। मादक द्रव्यों के सेवन और व्यसन का व्यक्तिगत या पारिवारिक इतिहास।

मैं अपने आत्म-नियंत्रण और अनुशासन को कैसे सुधार सकता हूँ?

1. जानिए आप कहां संघर्ष करते हैं।
2. जानिए आप कैसे सफल होते हैं।
3. स्पष्ट लक्ष्यों को पहचानें और लिखें।
4. अपने परिणाम की कल्पना करें।
5. इसके सही महसूस होने की प्रतीक्षा न करें।
6. छोटा शुरू करो। एक संरक्षक प्राप्त करें।
7. अभ्यास करें, असफल हों, फिर से शुरू करें।

क्या आत्म-नियंत्रण सीखना आसान है?

आत्म-नियंत्रण बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन अपने जीवन में बदलाव लाना और आवेग को प्रबंधित करना संभव है। अपने और अपने कार्यों पर अधिक नियंत्रण महसूस करने से आप जीवन के नियंत्रण में अधिक महसूस कर सकते हैं, आप कौन हैं इसके बारे में अधिक सशक्त महसूस कर सकते हैं और आत्म-सम्मान की भावनाओं को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

आत्म-नियंत्रण किस उम्र में विकसित होता है?

3.5 और 4 साल के बीच

आप आत्म-नियंत्रण का परीक्षण कैसे करते हैं?

एक तरीका लोगों के आत्म-नियंत्रण व्यवहार का सीधे आकलन करना है। उदाहरण के लिए, एक शोधकर्ता किसी व्यक्ति को कुछ स्वादिष्ट कुकीज़ या आइसक्रीम दे सकता है और माप सकता है कि वह कितना खाता है। लोग आमतौर पर इन खाद्य पदार्थों को खाने की मात्रा को सीमित करने का प्रयास करते हैं, और इसलिए अधिक मात्रा में खाने से आत्म-नियंत्रण की कमी का संकेत मिलता है।

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